Explore GS

18वां G-20 शिखर सम्मेलन, 2023

G-20 समूह की स्थापना वर्ष 1997-98 के “एशियाई वित्तीय 'संकट' के बाद वर्ष 1999 में की गई थी. वर्ष 2007...

G-20 समूह की स्थापना वर्ष 1997-98 के “एशियाई वित्तीय ‘संकट’ के बाद वर्ष 1999 में की गई थी.

वर्ष 2007 में G-20 समूह को राष्ट्राध्यक्ष/शासनाध्यक्ष के स्तर पर उन्नत (upgraded) किया गया।

वर्ष 2009 में इसे ‘अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग’ के एक प्रतिष्ठित मंच के रूप में नामित (designated) किया गया।

» G-20 समूह में !9 देश (अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इण्डोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किए, यू.के. तथा अमेरिका) तथा यूरोपीय संघ शामिल हैं।

» G-20 का कोई ‘स्थायी सचिवालय (Permanent Secretariat) या स्टाफ नहीं है।

» प्रतिवर्ष G-20 की अध्यक्षता उसके सदस्य देशों द्वारा बारी-बारी से की जाती है और अध्यक्ष का चुनाव देशों के विभिन्‍न क्षेत्रीय समूहों से किया जाता है।

» G-20 में शामिल ]9 देशों को 5 समूहों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक समूह में अधिकतम 4 देशों को ही शामिल किया गया है।

» केवल समूह 1 (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सऊदी अरब एवं अमेरिका) और समूह 2 (भारत, रूस, दक्षिण अफ्रीका एवं तुर्किए) इस पद्धति के अनुसार निर्मित नहीं किए गए हैं।
» समूह 3 में अर्जेटीना, ब्राजील एवं मेक्सिको; समूह 4 में फ्रांस, जर्मनी, इटली एवं यू. के. और समूह 5 में चीन, इण्डोनेशिया, जापान एवं दक्षिण कोरिया शामिल हैं।
» G-20 का 20वां सदस्य अर्थात यूरोपीय संघ (छाए) इनमें से किसी भी क्षेत्रीय समूह का सदस्य नहीं है।

» (5-20 का अध्यक्ष एक वर्ष की अवधि के लिए G-20 के एजेण्डे का संचालन करता है और G-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन करता है।

» G-20 के अंतर्गत दो समानांतर ट्रैक शामिल हैं, जो निम्नवत हैं –
(i) वित्त 2% (Finance Track)
(ii) शेरपा ट्रैक (Sherpa Track)

वित्त ट्रैक :- वित्त ट्रैक का नेतृत्व सदस्य देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर करते हैं।

शेरपा ट्रैक – इसका नेतृत्व शेरपा द्वारा किया जाता है, जो सदस्य देशों के नेताओं के निजी प्रतिनिधि होते हैं।

संपर्क समूह (Engagement Groups)

यह G-20 देशों के नागरिक समाजों, सांसदों, विचार मंचों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, व्यवसायों एवं शोधकर्ताओं को एक साथ लाता है.

संपर्क समूह निम्नवत हैं :-
(i) . विजनेस 20 (Business 20)
(i) सिविल 20 (Civil 20)
(iii) लेबर 20 (Labour 20)
(iv) पार्लियामेंट 20 (Parliament 20)
(v) साइंस 20 (Science 20)
(vi) SAI 20 (Supreme Audit Institutions 20)
(vii) स्टार्टअप 20 (Startup 20)
(viii) थिंक 20 (Think 20)
(ix) अर्बन 20 (Urban 20)
(x) वुमेन 20 (Women 20)
(xi) यूथ 20 (Youth 20)

भारत की G-20 अध्यक्षता

» भारत दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक G-20 का अध्यक्ष है।

» निरंतरता को सुनिश्चित करने के लिए G-20 की अध्यक्षता *ट्रोइका * (Troika) द्वारा समर्थित है।

» ट्रोइका का निर्माण G20 के वर्तमान मेजबान, तात्कालिक पूर्व मेजबान (immediate past host) तथा अगले मेजबान देश से होता है।

» भारत की अध्यक्षता के दौरान 0-20 ट्रोइका के सदस्य क्रमश: इण्डोनेशिया, भारत एवं ब्राजील हैं।

केद्रीय विषय

‘“वसुधैव कुटुंबकम’” या “एक पृथ्वी. एक कुटुंब. एक भविष्य” (One Earth. One Family. One Future)

» यह विषय महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है।

लोगों (Logo)

» इस लोगो में भारत के राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ ( Lotus) के साथ पृथ्वी (Earth) को दर्शाया गया है, जो चुनौतियों के बीच विकास को प्रदर्शित करता है।

» कमल की सात पंखुड़ियां सात महाद्वीपों एवं सात सार्वभौमिक संगीत के स्वरों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

» G20 लोगो के नीचे “देवनागरी’ लिपि में “भारत” लिखा हुआ है।

» ज्ञातव्य है कि I5 अगस्त, 2022 को मारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ से लेकर स्वतंत्रता की 100वींवर्षगांठ तक 25 वर्षीय अवधि को “अमृतकाल’ की संज्ञा दी गई है।

भारत की G-20 प्राथमिकताएं
» भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान G-20 शिखर सम्मेलनहेतु निम्न 6 प्राथमिकताएं निर्धारित की थीं, जो निम्नवत हैं –
(i) हरित विकास, जलवायु वित्त एवं LIFE
(ii) त्वरित, समावेशी एवं लचीला विकास
(पी) SDGs की तेज प्रगति
(५) प्रौद्योगिकी वदलाव एवं डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर
(४) 21वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थान
(vi) महिलाओं के नेतृत्व में विकास

वर्तमान परिप्रेक्ष्य  

» 9-10 सितंबर, 2023 को भारत मण्डपम, प्रगति मैदान, नई दिल्‍ली में 18वें G-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ।

» भारत के 60 शहरों में ‘लगभग 200 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें | लाख से अधिक
प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

» उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, आगरा तथा ग्रेटर नोएडा में भी G-20 से संबंधित बैठकों का आयोजन किया गया।

» अमिताभ कांत को G-20 शेरपा एवं हर्ष वर्धन श्रृंगला को मुख्य समन्वयक (Chief Coordinator) नियुक्त किया था।

आमंत्रित देश/अंतरराष्ट्रीय संगठन

सदस्य देशों एवं यूरोपीय संघ के अतिरिक्त अन्य अतिथि देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भी आमंत्रित किया जाता है।

» अतिथि देशों (guest countries) के रूप में बांग्लादेश, मिस्र, मॉरीशस, नीदरलैण्ड्स, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन तथा UAE को आमंत्रित किया था।

» भारत ने अपनी G-20 अध्यक्षता के दौरान स्थायी प्रतिभागी अंतरराष्ट्रीय संगठनों (UN, IMF, WB, WHO, WTO, ILO, FSB एवं OECD) तथा क्षेत्रीय संगठनों (AU, AUDA-NEPAD तथा ASEAN) के अध्यक्ष के अतिरिक्त अतिथि अंतरराष्ट्रीय संगठनों
के रूप में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), CDRI (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure) तथा एशियाई विकास बैंक (ADB) को आमंत्रित किया था।

G-20 नई दिल्‍ली लीडर्स घोषणा-पत्र

» प्रमुख परिणाम (Outcome) के रूप में सदस्य देशों द्वारा सर्वसम्मति से 6-20 नई दिल्‍ली ‘लीडर्स घोषणा-पत्र’ (0-20 New Delhi Leaders’ Declaration) को अंगीकृत किया गया।

» G-20 के नेता 0-20 महिला मंत्रिस्तरीय (0-20 Women’s Ministerial) का समर्थन करने के लिए महिला सशक्तीकरण पर एक कार्य समूह (Working Group) के गठन पर सहमत हुए।

» इस कार्य समूह की पहली बैठक ब्राजील की G-20 अध्यक्षता के दौरान आयोजित होगी।

प्रमुख परिणाम

» अफ्रीकी संघ : G-20 का स्थायी सदस्य

» यूरोपीय संघ के बाद G-20 में शामिल होने वाला यह दूसरा क्षेत्रीय गुट (regional bloc) है।

» वर्ष 1999 में (G-20 की स्थांपना के वाद  यह पहला अवसर है, जब इस समूह की सदस्यता का विस्तार किया गया है।

ैश्विक जैव ईंधन गठबंधन का शुभारंभ

» प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर, बांग्लादेश, इटली, अमेरिका,ब्राजील, अर्जेटीना, मॉरीशस तथा UAE के नेताओं के साथ मिलकर “वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन ‘ (GBA : Global Biofuel Alliance) का शुभारंभ किया।

» ‘वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन’, G-20 के अध्यक्ष के रूप में भारत की एक पहल है

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा

» भारत्त, अमेरिका, सऊदी अरब, UAE, फ्रांस, जर्मनी, इटली एवं यूरोपीय संघ के नेताओं के मध्य ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे’ (IMEC : India-Middle East-Europe Economic Corridor) की स्थापना हेतु एक समझौता-ज्ञापन (Mol) हस्ताक्षरित हुआ।

19वां G-20 शिखर सम्मेलन

» नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला-डी-सिल्वा को अध्यक्षता का गेवल (gavel) सौंप दिया।

»

 

पेंसिल्वेनिया में दीवाली को आधिकारिक अवकाश

April-2023
इस अमेरिकी राज्य की सीनेट द्वारा दीवाली को आधिकारिक अवकाश के रूप में मान्यता देने हेतु एक विधेयक पारित।

इस अमेरिकी राज्य की सीनेट द्वारा दीवाली को आधिकारिक अवकाश के रूप में मान्यता देने हेतु एक विधेयक पारित।

फिनलैण्ड : नाटो का 31वां सदस्य

June-2023
» अप्रैल, 949 में अमेरिका, कनाडा तथा 10 पश्चिमी यूरोपीय देशों (यूके, फ्रांस, इटली, नीदरलैण्ड्स, बेल्जियम, पुर्तगाल, डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैण्ड...

» अप्रैल, 949 में अमेरिका, कनाडा तथा 10 पश्चिमी यूरोपीय देशों (यूके, फ्रांस, इटली, नीदरलैण्ड्स, बेल्जियम, पुर्तगाल, डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैण्ड तथा लक्जमबर्ग) ने वाशिंगटन संघि [या उत्तर अटलांटिक संघि (North Atlantic Treaty)] पर हस्ताक्षर किए, जिसके फलस्वरूप नाटो (North Atlantic Treaty Organisation:NATO) का गठन हुआ।

शनि के उपग्रहों की संख्या 83 से बढ़कर 146 तक पहुंच गई।

June-2023
हाल ही में ' अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ ' (IAU : International Astronomical Union) के अधीन कैंब्रिज, मेसाचुसेट्स (अमेरिका) स्थित 'माइनर...

हाल ही में ‘ अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ ‘ (IAU : International Astronomical Union) के अधीन कैंब्रिज, मेसाचुसेट्स (अमेरिका)
स्थित ‘माइनर प्लैनेट सेंटर * (Minor Planet Center) द्वारा शनि के 63 नए उपग्रहों की खोज से संबंधित एक रिपोर्ट जारी की गई।

  • इस नवीन खोज के बाद शनि के प्राकृतिक उपग्रहों की संख्या 83 से बढ़कर 146 तक पहुंच गई।
  • इस प्रकार शनि, बृहस्पति (95 उपग्रह) को पीछे छोड़कर सौरमण्डल का सर्वाधिक उपग्रहों वाला ग्रह बन गया है।

 

भारत और अमेरिका के बीच आर्टेमिस समझौता ।

June-2023
» प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान 20 जून, 2023 को भारत "आर्टेमिस समझौते " (Artemis Accords) पर हस्ताक्षर करने...

» प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान 20 जून, 2023 को भारत “आर्टेमिस समझौते ” (Artemis Accords) पर हस्ताक्षर करने वाला विश्व का 27वां देश बन गया।
» इसके साथ ही, भारत अब साझा व्यवस्था (Common Protocols) के तहत, चंद्रमा एवं अन्य खगोलीय पिण्डों के अन्वेषण
(exploration) के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले आर्टेमिस कार्यक्रम में भागीदारी कर सकेगा।
» उल्लेखनीय है कि आर्टेमिस समझौता मूलत: 3 अक्टूबर, 2020 को हस्ताक्षरित हुआ था।
» इस समझौते के 8 संस्थापक देश – ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इटली, जापान, लक्जमबर्ग, यू. ए.ई., यू.के. एवं अमेरिका हैं।

» उल्लेखनीय है कि आर्टेमिस समझौता एक गैर-बाध्यकारी (non-binding) समझौता है।

» इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय प्रतिबद्धताएं (Financial Commitments) शामिल नहीं हैं।
» यह समझौता ऐसे सिद्धांतों का एक समूह हैं, जिन्हें 21 वीं  शताब्दी में नागरिक अंतरिक्ष अन्वेषण (civil space exploration) को दिशा प्रदान करने हेतु डिजाइन किया गया है।
» आर्टेमिस समझौते के अंतर्गत सभी क्रियाकलाप शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ही संपन्न किए जाएंगे।